Agra. वन्देमातरम के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान की ओर से शुक्रवार को देशभर में एक साथ, एक लय और एक स्वर में सामूहिक वन्देमातरम गायन का आयोजन किया गया। आगरा में 32 सरस्वती विद्यालयों सहित अन्य विद्यालयों एवं सामाजिक संगठनों की सहभागिता से करीब 1.50 लाख लोगों ने सामूहिक गायन किया, जबकि देशभर में एक करोड़ लोगों की सहभागिता का लक्ष्य पूरा किया गया।
सरस्वती विद्या मंदिर, कमला नगर में आयोजित कार्यक्रम में 3200 विद्यार्थियों सहित कुल 4500 लोगों ने एक स्वर में वन्देमातरम का गायन किया। कार्यक्रम में विद्यालय के विद्यार्थियों के साथ अन्य विद्यालयों के छात्र, पूर्व छात्र, अभिभावक और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।
मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत सामाजिक सद्भाव प्रमुख भवेन्द्र जी ने कहा कि वन्देमातरम केवल राष्ट्रगीत नहीं, बल्कि भारत की राष्ट्रीय चेतना और स्वतंत्रता आंदोलन की भावनाओं से जुड़ा ऐसा उद्घोष है, जिसने देशवासियों में एकता और स्वाधीनता का भाव जगाया। उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता है कि विद्यार्थी देश के इतिहास और स्वतंत्रता आंदोलन को केवल पुस्तकों तक सीमित न रखें, बल्कि उसके मूल्यों को अपने जीवन में उतारें।
कार्यक्रम में पर्यवेक्षक के रूप में मौजूद रहे डॉ रजत गोयल ने कहा कि जो गीत भारत की स्वतंत्रता के लिए लाखों देशभक्तों के बलिदान की प्रेरणा बना उसे हर देशवासी को गाना चाहिये और याद करना चाहिए।
संपूर्ण वंदेमातरम गायन समिति के मंत्री अनंत विश्वेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि जितना सोचा था उससे कहीं अधिक आम जनमानस का सहयोग इस कार्यक्रम को सफल बनाने में मिला। इस आयोजन के तहत सभी स्थानों के कार्यक्रमों का जीपीएस के माध्यम से रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। इसके आधार पूरे देश का आंकड़ा केंद्रीय कार्यालय दिल्ली पर एकत्रित हो रहा है। उन्होंने बताया कि पूरे देश में एक करोड़ लागों द्वारा वन्देमातरम गायन का लक्ष्य रखा गया था। लेकिन लोगों का उत्साह देखकर लग रहा है कि यह आंकड़ा पार चला गया है। इसी आधार पर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के लिए भी दावेदारी प्रस्तुत की जाएगी।
विद्यालय के प्रधानाचार्य अमित कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि वन्देमातरम केवल एक गीत नहीं, बल्कि देश के प्रति समर्पण, कर्तव्य और गौरव की भावना से नई पीढ़ी को जोड़ने का माध्यम है। आज के विद्यार्थियों को देशभक्ति केवल शब्दों में नहीं, बल्कि अपने व्यवहार, जिम्मेदारियों और समाज के प्रति सकारात्मक योगदान के माध्यम से समझने की आवश्यकता है। ऐसे सामूहिक आयोजन बच्चों को देश की स्वतंत्रता यात्रा और उसके मूल्यों से जोड़ते हैं तथा उनमें राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी का भाव मजबूत करते हैं।
विद्यालय के संरक्षक विजय गोयल ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि कार्यक्रम के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों को एक साथ जोड़कर राष्ट्रीय चेतना और सांस्कृतिक गौरव की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम में शिशु मंदिर प्रधानाचार्य दिनेश उपाध्याय, सरस्वती शिक्षा परिषद के मंत्री महेंद्र गर्ग, उपाध्यक्ष अनंत विश्वेंद्र सिंह, संतोष गुप्ता, राजीव नागरानी, वरुण कौशिक, एसके मिश्रा और अजय कुमार मित्तल ने विचार व्यक्त किए।
व्यवस्था प्रमुख भूपेंद्र सिंह राघव और संयोजक किशन सारस्वत रहे। व्यवस्थाओं में सुनील चौधरी, प्रवीण शर्मा, रोहित चौधरी, मनोज यादव, अमित गौड, नवनीत गोलेछा, राहुल शाक्य, राहुल चौधरी, ज्ञानेंद्र तिवारी और रजनी गुप्ता का सहयोग रहा। प्रबंध समिति के सदस्य, पूर्व छात्र, अभिभावक और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।



